समस्तीपुर जिला के सिंघिया प्रखंड अंतर्गत बंगरहट्टा ग्राम में आयोजित एक सप्ताहीय श्रीमद्भागवत कथा में अयोध्या के प्रसिद्ध युवा कथावाचक करण–अर्जुन ने अपने प्रवचन के दौरान बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि “बहुत जल्द भारत हिन्दू राष्ट्र बनने जा रहा है। जैसे आम का पेड़ लगाने पर तुरंत नहीं, लेकिन समय पर फल अवश्य मिलता है, ठीक वैसे ही अगर सनातन समाज एकजुट होकर आवाज उठाएगा तो देश हिन्दू राष्ट्र बनने से कोई नहीं रोक सकता।”
मिथिला के सपूत, अयोध्या में साधना की मिसाल
करण–अर्जुन कोई बाहरी कथावाचक नहीं, बल्कि मिथिला की पवित्र भूमि सीतामढ़ी के निवासी हैं। बेहद कम उम्र में दोनों भाई अयोध्या गए और प्रभु श्रीराम की भक्ति में स्वयं को समर्पित कर दिया। वर्षों की तपस्या, अध्ययन और साधना के बाद आज वे देशभर में सनातन संस्कृति के संरक्षण व जागरूकता का मिशन लेकर कथा प्रवचन कर रहे हैं।
सनातन को बचाने की अपील
अपने प्रवचन में उन्होंने पत्रकारों, कथाकारों, चित्रकारों और समाज के सभी जागरूक वर्गों से अपील की कि यदि सनातन संस्कृति को सुरक्षित और समृद्ध बनाना है तो सभी को एक स्वर में खड़ा होना होगा।
उन्होंने कहा—
“जब तक अपनी आद्य संस्कृति, परंपरा और धर्म के लिए हम स्वयं आवाज नहीं उठाएंगे, तब तक परिवर्तन संभव नहीं। लेकिन जब समाज संगठित होगा तो विचार भी बदलेगा और भविष्य भी।”
तो हम आपको रूबरू करवाते है उन बाबा से


No comments:
Post a Comment